मूल विचार
आरंभ की चट्टानी दीवार प्रगति के सामने वास्तविक प्रतिरोध रखती है। मंच पहले बाधा स्वीकार करता है, इसलिए आगे बढ़ना अर्थवान बनता है।
नर्तक वह बिंदु है जहाँ बल दिशा पाता है। जेस्चर केवल दृश्य सजाते नहीं, मानो सामने की राह खोलते हैं।
सुरंग और वायरफ़्रेम शहर रफ़्तार को परिप्रेक्ष्य में बदलते हैं। दर्शक बाधा से नई संभावनाओं के नेटवर्क की ओर खिंचता है।
मैकेनिकल आकार कथा को वाहन के निकट लाते हैं और मानवीय महत्वाकांक्षा को इंजीनियर्ड संरचना व सटीकता से जोड़ते हैं।
अंतिम रिवील इसलिए असर करता है क्योंकि वह यात्रा पूरी करता है। प्रोडक्ट अचानक नहीं आता; पहले से जारी गति का ठोस परिणाम बनकर पहुँचता है।